Gazals
यहां वहां धेरै डेरा सरिसकें प्रिया
कति धन तिम्रै निम्ित छरिसकें प्रिया
प्रतिक्षामै बिते मेरा कयौ रातहरू
धेरै मायाका जंघार तरिसकें प्रिया
पखि्र्रहे एकान्तमा आउछ्यौ कि भनी
गरु के म दोधारमा परिसकें प्रिया
प्यासी किनार झै नहोस् है माया हाम्रो
सागर धेरै नै पार गरिसकें प्रिया
नतड्पाउ ’चीजु’ को दिललाइ फेरि
धेरै चोटी तिम्रोलागी मरिसकें प्रिया

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Comment by ramhari — September 20, 2007 @ 10:59 am